Right/wrong – Your View
- Ektaa
- May 5, 2020
- 4 min read

वो कहते है ना ज़िन्दगी मे सभी का समीकरण एक सा नहीं होता किसी के लिए २+२ =४ होता है और किसी के लिए ५-१=४ होता है , लोगों का दृष्टिकोण अलग होता है वो सही या गलत नहीं होता .एक सी Situation मे लोगों का reaction डिफरेंट होता है जो की उनके upbringing , assessment of the situation और thought process पर depend करता है और उनके विचार में सही होता है और हमारे हिसाब से wrong हो सकता है ! we should just keep our calm .. Nothing to prove .
लोगों का काम करने का तरीका , सोचने का ढंग , relationships निभाने का तरीका बिलकुल अलग होता है जो उनकी दृष्टी मे बिलकुल सही है पर हमारे लिए weird हो सकता है फर्क दृष्टी का नहीं दृष्टिकोण का होता है ...सवाल ये है फिर क्या किया जाये बस वही कर सकते है जो हमारे कण्ट्रोल में है change the perspective because we cant change people around .
हमारे समाज में mainly Generation Gap, Communal differences and women equality ऐसे तीन मुख्य पॉइंट्स है जिसको लेकर हमेशा से ही आपस मे disagreement और heated discussion होता रहा है .. हम एक नजर डालते है इन मुद्दों पर जो की सदियों से किस तरह समझ की कंमी के कारण society के लिए सिरदर्द बना हुआ है !
१. Generation Gap –
हमारे बच्चे हमें old school का समझते है ! उन्हे कुछ भी बोलो उन्हे लगता है ये आउटडेटिड है especially teen age se ye problem start hota hi . ये age ऐसा होता है जब हमारे बच्चे अपने को गर्ल्स और बॉयज मे categorize kar latay hi और उनका अपना independent thought based on their peer group and understanding होता है ! ऐसे मे parents को उन्हे गाइड करके decision लेने के लिए छोर देना चाहिए ! let them learn their lesson on small things ..ताकि वो in case wrong है तो खुद ही advice लेने के लिए parents के पास आये ... parents को helicopter parenting से बचना चाहिए ! दूसरी ओर अगर बच्चों की मांग completely irrelevant है तो firm decision lena चाहिए और उन्हे समझाना अवश्यंभावी है | मतभेद होगा पर logically बात करना होगा न की ये बोलना की ये कभी हमने नहीं किया तो ये तुम्हे नहीं करना | तब उन्हे पता चलेगा सही और गलत का they develop their perspective , otherwise they may be rebelliuous .
2. Communal Gap-
हमारी सामाजिक व्यवस्था अलग –अलग विश्वासों पर टिकी है | Religion , caste system , Rich-Poor etc बहुत सारे पहलु है ..और ये हमेशा से हमारे समाज मे लोगों के बीच दरार डालने का काम करते है ..लोग इनमे परकर इंसानियत भूल जाते है | किसी के धर्म , रीति रिवाज़ , विश्वास पर टिपण्णी आपका नजरिया बताती है जो आपके हिसाब से है पर दूसरे अपने हिसाब से अगर अपना life बीता रहे है और वो आपको harm नहीं कर रहे तो अपने विचारों को व्यक्त करने से पहले double check करने की जरूरत है | इतिहास गवाह है की बेबाक टिप्पणी के भयंकर परीणाम हुए है| जरूरत है Acceptance की .. just live and let others live .
3. Women Equality–
हमारा भारतीय समाज धीरे –धीरे बदल रहा है |जी हाँ, girls की स्थिति हमारे समाज मे दुरुस्त होती दिख रही है| girls की भागीदारी सभी सामजिक और आर्थिक कार्यो मे बढती दिख रही है जो की एक progressive society की निशानी है | last few years मे female एजुकेशन रेट बढ़ा है और financial independence भी| क्या सबकुछ वैसा ही है जैसा दीखता है| office मे still गल्स को target किया जाता है , RAPE केसेस भी बढे है| हमारा समाज की still ऐसी व्यवस्था है .. बेटियों को अभी भी शादी के बाद घर छोर कर एक बिलकुल नए परिवेश मे जाना होता है | being educated and independent उनकी responsibilities और भी बढ़ जाती है | Adjustment and Settling down बहुत कुछ boys फॅमिली , boys and bride ka mutual टास्क है | But in most of the cases what we observe at one side फॅमिली मेम्बेर्स rigid hotay hai that gals should follow what their family customs are .. वो भी सही है पर कस्टम के नाम पर गल्स का पूरा वजूद ही हीला देना ..खाने , पहनने , विचार व्यक्त करने की आज़ादी छीन लेना लड़कियो मे असंतोष पैदा करता है दूसरी ओर gals का बहुत जल्दी reaction करना परिवारों को तोड़ देता है | जैसा की मैंने सर्वे किया शादी एक ऐसी व्यवस्था है जिसका नीव प्यार और विश्वास होना चाहिए पर बहुत सारी महिलओं का ये कहना था उनका initial time bahut hi स्ट्रगल से भरा हुआ था एंड they will prefer nuclear family . ऐसे मे ये कहना गलत नहीं होगा अगर बहुत सोच समझ कर सामंजस्य नहीं बैठाया गया to it will be resulted in more broken families . Key is to give space and respect each other.
जैसा हमने देखा हमारे समाज मे दृष्टिकोण सही नहीं होने के कारण ज्यादा problems hai .. हम सब एक दूसरे से connected है ..हमारा wellbeing, peace तभी कायम रह सकता है जब हम एक दूसरे के प्रति kind ,compassionate and concerned rahe . The way we choose to see and respond to others makes all the difference




Comments